बैटरी कितने प्रकार की होती है, कैसे काम करती है, बनाने में क्या क्या लगता है, (battery kya hai, what is battery in hindi, kise kahate hain)
आज कल विद्युत ऊर्जा का प्रयोग हर क्षेत्र में होता है, मानव जाती के लिए विद्युत ऊर्जा बहुत अहम जरूरत बन गई है, जैसे व्यक्ति हवा और भोजन के बिना नहीं रह सकता, ठीक वेसे ही विद्युत ऊर्जा के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते।
बैटरी भी विद्युत ऊर्जा का श्रोत है, बैटरी DC करेंट देती है, इसलिए बैटरी का प्रयोग उन जगहो पर किया जाता है जहाँ पर AC करेंट न होने पर भी उपकरण को प्रयोग में लाया जा सके जैसे 4 पहिया वाहनो में लाइट के लिए और उनको स्टार्ट करने के लिए, ट्रेन के डिब्बो में, और हमारे घर मे बहुत से उपकरणो में भी बैटरी का प्रयोग किया जाता है, घरों में इन्वर्टर के माध्यम से बैटरी के DC करेंट को AC की बदल कर घरेलू विद्युत उपकरणो को प्रयोग में लाया जाता है।
पहले के अपेक्षा आज के समय के बैटरी ने बहुत तरक्की की है। तो आज हम बैटरी के बारे में बात करते है की बैटरी क्या है या बैटरी किसे कहते है, बैटरी का इतिहास आविस्कार आदि के बारे में जान ने की कोशिश करेंगे।
बैटरी क्या है -battery in Hindi
बैटरी ऊर्जा का एक बहुत अच्छा श्रोत है, जो एक या एक से अधिक सेल से मिलकर बनाई जाती है, फिर उन सेलों के अंदर ऊर्जा प्रवाहित की जाती है, जिस से उनके सेलों में एल्क्ट्रो केमिकल रिएक्शन होता है, जो केमिकल एनर्जि को इलैक्ट्रिकल एनर्जि मे बदल कर उस एनर्जि को स्टोर कर लेते हैं, जिसे हम जरूरत पड़ने पर उस एनर्जि को प्रयोग कर लेते है। बैटरी के हर सेल में दो प्रकार की प्लेट मौजूद होती हैं जिन्हे Cathode और Anode कहा जाता है।

